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भारत गुरुवार को छठा नौवहन उपग्रह लांच करेगा

170 Days ago

इसरो ने कहा कि 1,425 किलोग्राम वजनी आईआरएनएसएस-1एफ (भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली-1एफ) को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के माध्यम से 10 मार्च को प्रक्षेपित किया जाएगा।

यहां से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से शाम चार बजे के आसपास रॉकेट का प्रक्षेपण होगा।

साल 2016 में भारत का यह दूसरा रॉकेट प्रक्षेपण होगा। पहले प्रक्षेपण के तहत 20 जनवरी को आईआरएनएसएस-1ई उपग्रह का प्रक्षेपण किया गया था।

सही-सही दिशा की जानकारी प्रदान करने के लिए अब तक भारत पांच क्षेत्रीय नौवहन उपग्रहों (आईआरएनएसएस-1ए, 1बी, 1सी, 1डी तथा 1ई) को लांच कर चुका है, जबकि दो और प्रक्षेपण होने बाकी हैं। यह 1,500 किलोमीटर के दायरे में सही दिशा स्थिति मुहैया कराएगा।

इसरो के अधिकारियों ने इससे पहले कहा था कि पूरी प्रणाली के लिए सात उपग्रहों की जरूरत है, जबकि नौवहन सेवा चार उपग्रहों के साथ ही शुरू हो सकती है।

प्रत्येक उपग्रह की लागत 150 करोड़ रुपये है और पीएसएलवी-एक्सएल संस्करण रॉकेट की लागत 130 करोड़ रुपये है। कुल सातों रॉकेटों की लांचिंग में 910 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

आईआरएनएसएस के सातों उपग्रह 2016 में लांच हो जाएंगे।

पहला उपग्रह आईआरएनएसएस-1ए जुलाई 2013 में प्रक्षेपित किया गया था, जबकि दूसरा आईआरएनएसएस-1बी अप्रैल 2014 में, तीसरा अक्टूबर 2014 में, चौथा मार्च 2015 में, जबकि पांचवां इस साल जनवरी में प्रक्षेपित किया गया था।

सातवें उपग्रह आईआरएनएसएस-1जी का प्रक्षेपण साल 2016 की दूसरी छमाही में होने की संभावना है।

एक बार जब सभी क्षेत्रीय उपग्रह प्रक्षेपित हो जाएंगे, भारत को दूसरे देशों की नौवहन सेवाओं की जरूरत नहीं होगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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